
अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान की सीमा पर बुधवार को जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र जीएफजेड ने इसकी तीव्रता 5.4 रिक्टर स्केल पर बताई है, हालांकि कुछ रिपोर्टों में 5.7 तक दर्ज की गई। स्थानीय समयानुसार दोपहर 4 बजकर 42 मिनट पर आए इस भूकंप ने इलाके को हिला दिया।
भूकंप का केंद्र 36.93 उत्तरी अक्षांश और 71.61 पूर्वी देशांतर पर था, जबकि इसका हाइपोसेंटर धरती की सतह से 90.2 किलोमीटर नीचे स्थित था। झटके पड़ोसी पाकिस्तान के इस्लामाबाद, स्वात, पेशावर, चित्राल समेत कई शहरों तक पहुंचे, जहां लोग घर-दफ्तर छोड़कर सड़कों पर उतर आए।
प्रभावित क्षेत्रों में रहवासियों ने तेज कंपन की शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई हताहत या नुकसान की खबर नहीं है। यह घटना 20 फरवरी को आए 5.8 तीव्रता के भूकंप के ठीक पांच दिन बाद हुई, जिसने काबुल और पंजशीर को हिलाया था।
अफगानिस्तान भूकंपों का केंद्र रहा है। अक्टूबर 2023 में 6.3 की तीव्रता वाले भूकंप और उसके बाद के झटकों से 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई। अगस्त 2024 में पाकिस्तान सीमा के निकट 6.0 के भूकंप ने 2 हजार जिंदगियां लील लीं। हिंदू कुश क्षेत्र की भूगर्भीय अस्थिरता के कारण यहां बार-बार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।
अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर रखा है और राहत टीमें तैयार हैं। भविष्य में बड़े नुकसान से बचने के लिए मजबूत इमारतें और जागरूकता जरूरी है।