
इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आंखों के इलाज को लेकर गहरी चिंता जताई है। पार्टी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर खान को उनकी पसंद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने और निजी डॉक्टरों से सलाह की अनुमति देने की मांग की। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह कदम जेल में बंद खान की सेहत को लेकर बढ़ती आशंकाओं का परिणाम है।
पीटीआई के वकील सरदार लतीफ खोसा ने फॉलो-अप जांच के बाद यह याचिका दाखिल की। इसमें तोशखाना मामले का जिक्र है, जिसमें 2022 में खान की पहली गिरफ्तारी हुई। याचिकाकर्ता ने रेटिना विशेषज्ञ से तत्काल जांच के लिए अस्पताल स्थानांतरण, डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. आसिम यूसुफ को प्रक्रियाओं में शामिल करने का अनुरोध किया।
याचिका में परिवार को पूरी जानकारी और चेकअप के दौरान मुलाकात की सुविधा, साथ ही मेडिकल रिपोर्ट्स की हस्ताक्षरित प्रतियां वकील को देने की बात कही गई। खोसा ने 73 वर्षीय खान की बिगड़ती तबीयत को पाकिस्तान के लिए खतरा बताया। पीआईएमएस में गोपनीय जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार या बाहरी डॉक्टरों को जानकारी न देना संदेह पैदा करता है।
जनवरी में खान को राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन का पता चला। 24 जनवरी की प्रक्रिया पांच दिन बाद ही सार्वजनिक हुई। विपक्ष ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया, जिसे खारिज किया गया। यह याचिका खान के स्वास्थ्य और राजनीतिक संघर्ष का नया मोड़ है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला कैदियों के चिकित्सा अधिकारों पर असर डाल सकता है।