
टोक्यो, 25 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान की आर्थिक राजधानी टोक्यो में ‘यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो’ के जरिए जापानी निवेशकों को प्रदेश की अपार संभावनाओं से रूबरू कराया। सिंगापुर के बाद यह उनका दूसरा बड़ा निवेश आकर्षण अभियान था।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यूपी अब सुरक्षित वातावरण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 25 करोड़ की विशाल बाजार क्षमता और युवा शक्ति के दम पर निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने जापानी उद्यमियों से निवेश के साथ-साथ अयोध्या, सारनाथ जैसे आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन का न्योता दिया।
जापान को ‘सूर्योदय भूमि’ कहते हुए योगी ने यूपी को भगवान राम की जन्मभूमि और बुद्ध की कर्मभूमि बताया। रामायण और बौद्ध सर्किट विकसित हो रहे हैं, जो पर्यटन को नई ऊंचाइयां दे रहे हैं। इस सांस्कृतिक जुड़ाव से भारत-जापान संबंध और मजबूत होंगे।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था नौ वर्षों में तिगुनी हो चुकी है। 11 प्रतिशत कृषि भूमि पर 21 प्रतिशत अनाज उत्पादन से फूड प्रोसेसिंग में भारी अवसर। मीठे जल की प्रचुरता ग्रीन हाइड्रोजन के लिए वरदान। 56 प्रतिशत युवा आबादी कुशल श्रम प्रदान करती है।
एक्सप्रेसवे पर 27 क्लस्टर, सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, फ्रेट कॉरिडोर। यीडा में 500 एकड़ जापान इंडस्ट्रियल सिटी नोएडा एयरपोर्ट के निकट।
स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी, स्पीड से निवेश सुरक्षित। मोबाइल का 55%, इलेक्ट्रॉनिक्स का 60% उत्पादन यूपी में। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल में अपार गुंजाइश। 75,000 एकड़ लैंड बैंक, बुंदेलखंड में नया शहर।
ग्लोबल समिट में 40 लाख करोड़ के प्रस्ताव, 15 लाख करोड़ पर काम शुरू। 96 लाख एमएसएमई, 3 करोड़ रोजगार। 34 नीतियां, सिंगल विंडो, ईज ऑफ बिजनेस में शीर्ष। 156 करोड़ पर्यटक, ईवी, फिनटेक में संभावनाएं।
योगी का यह प्रयास भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देगा।