
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आगामी इजरायल दौरे को ऐतिहासिक करार देते हुए ‘द जेरूसलम पोस्ट’ के प्रमुख लेख पर उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘यह वास्तव में इजरायल का ऐतिहासिक दौरा है। मुझे विश्वास है कि इससे हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति मिलेगी।’
अखबार ने अपने बुधवार के पहले पृष्ठ पर भारत-इजरायल संबंधों के नए युग की शुरुआत को प्रमुखता से दिखाया। ‘दो प्राचीन राष्ट्रों ने नया अध्याय शुरू किया’ शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट में मोदी के दौरे को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। इजरायल लंबे समय से भारत को प्रमुख मित्र मानता रहा है, लेकिन संभावनाओं के अनुरूप क्रियान्वयन की रफ्तार धीमी रही।
‘द मोदी डॉक्ट्रिन’ शीर्षक वाले लेख में अमिचाई स्टर्न ने 2017 के ऐतिहासिक दौरे का जिक्र किया, जब मोदी बेन-गुरियन हवाई अड्डे पर उतरने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। यह यात्रा दशकों की कूटनीतिक संकोच की समाप्ति का प्रतीक बनी।
मोदी ने इजरायल के विपक्षी नेता यायर लैपिड के हिंदी पोस्ट का भी जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ‘मैं भी इजरायल यात्रा का इंतजार कर रहा हूं। इससे द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे।’ लैपिड ने लिखा था, ‘सारा इजरायल मोदी का स्वागत करने को उत्सुक है। वह इजरायल के सच्चे मित्र हैं।’
यह आदान-प्रदान भारत-इजरायल मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत देता है। यात्रा से रक्षा, प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दोनों लोकतंत्रों का गठबंधन मजबूत होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप सहयोग में प्रगति होगी। भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाएगी। यह दौरा न केवल कूटनीतिक सफलता है, बल्कि दोनों राष्ट्रों के भविष्य का आधार बनेगा।