
वाशिंगटन में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस से कई महत्वपूर्ण विधेयकों को तत्काल पारित करने का आग्रह किया। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक चले इस भाषण में उन्होंने सीमा सुरक्षा, मतदाता पहचान, स्वास्थ्य सुधार और इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका की सीमा और आंतरिक सुरक्षा के लिए सभी फंडिंग की पूर्ण बहाली जरूरी है। उन्होंने ‘घातक शरणार्थी शहरों’ को खत्म करने और अपराधी विदेशियों के निर्वासन में बाधा डालने वाले अधिकारियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
सेव अमेरिका एक्ट को पारित करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हर मतदाता को आईडी और नागरिकता प्रमाण दिखाना अनिवार्य होगा। डाक मतपत्र केवल बीमारी, विकलांगता, सैन्य सेवा या यात्रा के मामलों में ही स्वीकार्य होंगे।
‘डेलिला लॉ’ के जरिए अवैध प्रवासियों को व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस रोकने और हिंसक अपराधियों को स्थायी रूप से जेल में रखने के कानून बनाने की बात कही। ट्रंप ने इन कदमों को जवाबदेही, सुरक्षा और समृद्धि बहाल करने वाला बताया।
भारतीय नजरिए से यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इमीग्रेशन नीतियां छात्रों, पेशेवरों और प्रवासी समुदायों को प्रभावित करती हैं। कांग्रेस की प्रतिक्रिया भविष्य की दिशा तय करेगी।