
बिहार के मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी त्रासदी हुई जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। पांच साल की हुस्नाज ने अपनी मां काजल कुमारी का सिर गोद में लिये बैठकर रात भर ‘मां उठो न’ कहते हुए रोया। दो साल की छोटी बहन भी मां को जगाने की कोशिश करती रहीं, फिर थककर शव से लिपट गईं। दोनों भाई-बहन अपने अब्बू का इंतजार कर रही थीं, जिन्होंने कहा था कि पांच मिनट में लौट आऊंगा।
लोगों की भीड़ जमा हो गई जब पता चला कि महिला मृत है। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यह मंजर करीब दो घंटे से चल रहा था। जीआरपी ने शव कब्जे में ले लिया और जांच शुरू कर दी। मृतका काजल कुमारी भतखोरा जीतापुर की निवासी थीं, जिनकी उम्र 25 वर्ष थी।
आठ साल पहले मैट्रिक के दौरान मो. मुर्शिद से प्रेम हो गया और दोनों भागकर शादी कर ली। परिवार ने नाता तोड़ दिया। दो बेटियों की मां बनी काजल का जीवन मुर्शिद की मुंबई कमाई से चल रहा था। लेकिन स्मार्टफोन ने सब बदल दिया। सोशल मीडिया पर मो. अंजार से अफेयर हो गया।
मुर्शिद साल में दो बार ही आते, तो काजल ने घर छोड़ अंजार के साथ रहना शुरू कर दिया। पांच माह की गर्भवती होने पर अंजार ने बच्चे को स्वीकारने से इनकार कर दिया। झगड़े बढ़े। मंगलवार रात अंजार ने काजल और बच्चों को ऑटो से स्टेशन लाया, बीमार बताकर बेंच पर लिटाया और भाग गया।
सुबह बच्चों के रोने पर पुलिस पहुंची। गले पर निशान मिले, फंदे की आशंका। अंजार फरार, मुर्शिद की भूमिका जांच में। यह घटना प्रेम, विश्वासघात और परित्याग की काली सच्चाई दिखाती है।