
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के जरिए ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इस साहसिक सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी सरजमीं पर हमला बोलकर दशकों पुरानी धमकी को समाप्त कर दिया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की लंबे समय से नीति रही है कि दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद प्रायोजक को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने कूटनीति को प्राथमिकता बताई, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐसी अनुमति कभी नहीं दी जाएगी। यह सफलता उनके ‘शक्ति से शांति’ के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत का अभिन्न अंग है, जिसमें इस साल सशस्त्र बलों में रिकॉर्ड एक ट्रिलियन डॉलर का निवेश किया गया है।
नाटो सहयोगियों की सराहना करते हुए ट्रंप ने बताया कि वे अब जीडीपी का 5 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करने को राजी हो गए हैं, जो पहले 2 प्रतिशत के लक्ष्य से कहीं अधिक है।
लैटिन अमेरिका पर नजर डालते हुए उन्होंने वेनेजुएला में दुश्मनों की पूर्ण हार, निकोलास मादुरो के तानाशाही शासन का अंत और उसे अमेरिकी अदालत में पेश करने का दावा किया। नई राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने का वादा किया गया।
मादक द्रव्यों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ट्रंप ने कार्टेलों को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया और अवैध फेंटानिल को सामूहिक विनाश का हथियार करार दिया। नए अभियान ने भूमि और समुद्री मार्गों से इसकी आपूर्ति लगभग रोक दी है।
अपने पहले 10 महीनों में आठ युद्ध समाप्त करने का श्रेय लेते हुए ट्रंप ने कंबोडिया-थाईलैंड, पाकिस्तान-भारत, कोसोवो-सर्बिया, इजरायल-ईरान जैसे संघर्षों का जिक्र किया। रूस-यूक्रेन विवाद को समाप्त करने की कवायद जारी है।