
बॉलीवुड की चमक-दमक भरी दुनिया में दिव्या भारती का नाम आज भी 90 के दशक की मासूम और खूबसूरत हीरोइन के रूप में गूंजता है। ‘विश्वात्मा’, ‘शोला और शबनम’, ‘दीवाना’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से उन्होंने कम उम्र में लाखों दिल जीत लिए। दक्षिण भारतीय सिनेमा से हिंदी फिल्मों में धमाकेदार एंट्री के बाद मात्र 19 साल की उम्र में 5 अप्रैल 1993 को उनकी रहस्यमयी मौत ने पूरे जगत को सदमा दे दिया।
25 फरवरी को उनकी जयंती पर उनकी यादें ताजा हो जाती हैं। उनकी मुस्कान, जिंदादिली और बेहतरीन अदाकारी आज भी फैंस को बांधे रखती है। एक पुराना इंटरव्यू उनकी सादगी को दर्शाता है, जहां श्रीदेवी से उनकी तुलना पर उन्होंने खुलकर बात की।
जब पहली बार किसी ने कहा कि वे श्रीदेवी जैसी लगती हैं, तो दिव्या बेहद खुश हुईं। ‘वाह! इतनी सुंदर दिखना कितनी बड़ी बात है,’ उन्होंने कहा। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वे खुद ऐसा मानती हैं, तो विनम्रता से जवाब आया, ‘नहीं, वे बहुत खूबसूरत हैं, लंबी और गोरी। मेरा चेहरा? पिंपल्स से भरा, मेकअप तो इन्हें छिपाने के लिए ही है।’
दिव्या का सफर छोटा लेकिन यादगार रहा। उनकी ऐसी कहानियां साबित करती हैं कि सितारे बनने के बावजूद वे जमीन से जुड़ी रहीं। आज उनकी फिल्में नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेंगी।