
भागलपुर शहर अब मेट्रो रेल के सपनों को साकार करने की ओर तेज कदमों से अग्रसर है। पहले चरण का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और रिपोर्ट सौंप दी गई है, जबकि दूसरे चरण का कार्य जमीन पर जोरों पर चल रहा है। रिपोर्ट की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
सर्वे टीम नाथनगर के नस्तरखानी, रत्तीपुर-बैरिया, चंपानगर, पुरानी सराय, रामपुर खुर्द, महेशपुर, अलीगंज तथा सबौर के सरधो-जिछो क्षेत्रों में सक्रिय है। यहां स्टेशन स्थलों का चयन, ट्रैक की दिशा और तकनीकी संभावनाओं का मूल्यांकन हो रहा है। सर्वे के बाद एक विस्तृत डिजिटल नक्शा बनेगा, जिसमें भवन, सड़कें, नाले, नदियां, पहाड़ियां, भूजल और बिजली लाइनें जैसी हर जरूरी जानकारी होगी। यही नक्शा मेट्रो का आधार बनेगा।
परियोजना में रेड, ब्लू और ग्रीन लाइनें चलेंगी। दो प्रमुख कॉरिडोर होंगे- पूर्वी-पश्चिमी 17 किमी लंबा सबौर से चंपानगर तक तथा उत्तरी-दक्षिणी 12 किमी का भागलपुर से वातुविहार तक। कुल 22 स्टेशन बनेंगे, जिसमें भागलपुर के पास इंटरचेंज सुविधा होगी।
मेट्रो यार्ड के लिए जगदीशपुर और नाथनगर विश्वविद्यालय क्षेत्र में जमीन तलाशी जा रही है।
मेट्रो से जाम की समस्या खत्म होगी, यात्रा तेज होगी और शहर का आर्थिक विकास गति पकड़ेगा। अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।