
झारखंड के चतरा में सोमवार को एयर एम्बुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने से सात जिंदगियां थम गईं। मरीज, उसके परिजन, पायलट, सह-पायलट, चिकित्सक और स्टाफ सभी की मौके पर मौत हो गई। इस विपत्ति ने परिवारों को तोड़ दिया, खासकर पंजाब के अमृतसर गोविंद नगर निवासी को-पायलट स्वराजदीप सिंह के घर में मातम छा गया। डेढ़ साल पहले ही नौकरी जॉइन करने वाले इस जवान की शादी को दो साल ही हुए थे, एक छोटा बेटा भी था।
मोहल्ले वाले स्वराजदीप को नेकदिल और मिलनसार बताते हैं। वे बुजुर्गों का आदर करते, माता-पिता का मान बढ़ाया। पार्षद इंद्रजीत सिंह पंडोरी और पड़ोसी अमरदीप सिंह ने इसे असहनीय दुख बताया। हादसे से कुछ घंटे पूर्व स्वराजदीप ने मां को फोन किया, रांची से दिल्ली उड़ान की जानकारी दी और लैंडिंग पर दोबारा कॉल करने को कहा।
दो घंटे बाद फोन न लगने पर चिंता बढ़ी। न्यूज चैनलों और कंपनी के ईमेल से मौत की पुष्टि हुई। इलाके में शोक की लहर है। लोग सरकार से विमान सुरक्षा की सख्त जांच की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों। स्वराजदीप की कहानी हर किसी का दिल दुखा रही है।