
लाहौर में कनाडाई डॉक्टरेट छात्र हमजा अहमद खान के लापता होने की घटना ने पाकिस्तानी पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 13 फरवरी को अपनी पीएचडी थीसिस के काम के लिए पाकिस्तान पहुंचे हमजा 19 फरवरी की भोर में डीएचए स्थित आवास से राइड-हेलिंग कैब बुक करके निकले और उसके बाद से गायब हैं।
हमजा के मित्र यूसुफ रशीद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि रात 1 से 2 बजे के बीच कैब बुक की गई थी। रशीद ने खुद तलाशी ली लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। उन्होंने किडनैपिंग का शक जताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
अमेरिका में रहने वाले भाई अवैस अहमद खान ने खुलासा किया कि कैब यात्रा बीच में रद्द हो गई थी। हमजा ने एक लड़की को उसके घर छोड़ा था, जिसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास है, लेकिन उसके बाद वे घर नहीं लौटे। कैब कंपनी जानकारी देने से इनकार कर रही है और पुलिस ने अभी तक संपर्क नहीं किया।
अवैस ने पुलिस पर परिवार के प्रति असहयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कनाडाई दूतावास से मदद लेने और अदालत में याचिका दायर करने का ऐलान किया। एसएसपी जांच मुहम्मद नवीद ने पुष्टि की कि शुरुआती जानकारियां जुटाई गई हैं लेकिन हमजा का पता नहीं चला।
कराची मूल के इस परिवार के माता-पिता पाकिस्तान में हैं। मामला राइड-शेयरिंग सेवाओं की सुरक्षा और पुलिस की तत्परता पर बहस छेड़ रहा है। समय रहते हमजा को खोजने की चुनौती बढ़ रही है।