
जर्मनी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने क्वांटम-सिस्टम्स जीएमबीएच जैसी प्रमुख कंपनी के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिससे उत्तर प्रदेश ड्रोन और एयरोस्पेस क्षेत्र में वैश्विक निवेश की नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है। इस रणनीतिक चर्चा में अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों और अनुसंधान केंद्र स्थापित करने पर सहमति बनी।
मौर्य ने कहा कि क्वांटम आधारित प्रौद्योगिकी उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक नींव रखेगी, जो युवाओं के लिए उच्च कौशल वाली नौकरियां पैदा करेगी। कंपनी ने 160 किलोमीटर रेंज वाले हाई-एल्टीट्यूड ड्रोन की तकनीक दिखाई, जो जर्मन व स्पेनिश सेनाओं द्वारा इस्तेमाल हो रही है। यह तकनीक रक्षा निगरानी से लेकर कृषि, सर्वेक्षण और आपदा प्रबंधन तक प्रभावी है।
हेल्सिंग, ड्रोनिवो, एसआईए ओरिजिन रोबोटिक्स और एरोनिया जैसी फर्मों ने भी एआई आधारित ड्रोन व डिटेक्शन सिस्टम पर प्रस्तुतियां दीं। राज्य सरकार ने इन्हें मैन्युफैक्चरिंग व आरएंडडी हब के लिए आमंत्रित किया। विनिर्माण, प्रशिक्षण, तकनीकी हस्तांतरण पर दीर्घकालिक साझेदारी तय हुई।
उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर व कुशल मानव संसाधन निवेशकों को लुभा रहे हैं। ड्रोन इकोसिस्टम को एआई व इलेक्ट्रॉनिक्स से जोड़कर तकनीकी विकास को गति मिल रही है। यह साझेदारी मेक इन इंडिया को मजबूत करेगी और यूपी को ड्रोन नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाएगी।