
बीजिंग, 24 फरवरी। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 20 जापानी इकाइयों को निर्यात नियंत्रण सूची में शामिल कर लिया और अन्य 20 को ध्यान सूची में डाल दिया। यह फैसला जापान की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के आरोपों के आधार पर लिया गया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निर्यात नियंत्रण कानून और दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के नियमों के तहत मित्सुबिशी शिपबिल्डिंग जैसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इन इकाइयों को दोहरे उपयोग की वस्तुओं का निर्यात पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विदेशी संगठनों और व्यक्तियों को भी चीन में बनी ऐसी वस्तुओं का हस्तांतरण करने से रोका गया है। सभी मौजूदा गतिविधियां तत्काल बंद होनी चाहिएं।
दूसरी ओर, सुबारू कॉर्पोरेशन सहित 20 इकाइयों को ध्यान सूची में रखा गया है, क्योंकि इनके अंतिम उपयोगकर्ता और उपयोग की पुष्टि नहीं हो सकी। यदि ये जांच में सहयोग करती हैं, तो इन्हें सूची से हटा लिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम जापान के पुनर्सैन्यीकरण और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के लिए है, जो पूर्णतः न्यायोचित और कानूनी है। चीन-जापान के सामान्य व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कानून का पालन करने वाली जापानी कंपनियों को चिंता की कोई बात नहीं।
पूर्वी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह घटना आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जापानी उद्योगों को नई रणनीतियां अपनानी पड़ेंगी।