
कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों के बीच उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने मंगलवार को साफ कहा कि मंत्रियों व विधायकों पर नियंत्रण मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।
बेंगलुरु स्थित निवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सीएम बदलाव और दलित नेता को शीर्ष पद की मांग पर प्रतिक्रिया दी। ‘मंत्रियों-विधायकों को संभालना सीएम का काम है। मैं हाईकमान को पार्टी की जानकारी देता हूं।’
शिवकुमार ने लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली से नियमित संवाद का जिक्र किया, जो सीएम समर्थक हैं। ‘वे वरिष्ठ हैं, मेरे साथ कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके। हम साप्ताहिक चर्चा करते हैं। एक ही विचारधारा, पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर काम।’
समाज कल्याण मंत्री एचसी महादेवप्पा की दलित सीएम की मांग पर तंज: ‘उनका बयान देखा। शायद उन्हें हाईकमान से खबर हो, इसलिए उठाया। मुझे कोई सूचना नहीं।’
दिल्ली बुलावे की अफवाह खारिज करते हुए कहा, विभागीय काम से जाना है। शहरी विकास के लिए 1 लाख करोड़ का प्रावधान, छोटे शहरों के प्रस्ताव चर्चा में।
नए चेहरों की मांग पर सहमति: ‘हर कोई मंत्री बनना चाहता। नई पीढ़ी को मौका मिले। मैं 36 साल मंत्री रहा। फैसला पार्टी का, विस्तार सीएम का।’
कर्नाटक की सियासत में ये बयान आंतरिक समीकरणों को उजागर करते हैं, जहां एकता और अनुशासन पर जोर दिया जा रहा है।