
मुंबई। पाकिस्तान हॉकी टीम विश्व कप क्वालिफायर के लिए मिस्र रवाना हो गई है, लेकिन मन में फेडरेशन के खिलाफ गुस्सा भरा हुआ है। कप्तान अम्माद बट के नेतृत्व वाली टीम को डच कोच रोलेंट ओल्टमैंस की मनोकामना थी, मगर अंतरिम प्रमुख मोहिउद्दीन वानी ने ख्वाजा जुनैद को थोप दिया, जिन पर 2023 में आजीवन प्रतिबंध लगा था।
खिलाड़ियों ने जुनैद के कदम पर सवाल उठाए, क्योंकि 2022 एशिया कप में उनकी गलती से जापान के खिलाफ 3-2 की हार हुई। अतिरिक्त खिलाड़ी के कारण गोल रद्द होने से टीम बाहर हो गई थी। वानी ने खिलाड़ियों की सुनवाई की, लेकिन समय की कमी का हवाला देकर जुनैद के साथ जाने को कहा।
बट ने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी से मदद मांगी, पर व्यस्तता में कोई जवाब नहीं। पीएचएफ में राजनीतिक नियुक्तियां आम हैं, इसलिए नकवी ने दूरी बनाई। कैनबरा दौरे पर होटल और भत्ते की शिकायतें भी उबाल पर हैं।
चार बार की चैंपियन टीम 2014-22 विश्व कप चूक चुकी, 2010-18 में लंगड़ाई। जुनैद के कई कार्यकाल बेनतीजा रहे। मिस्र में क्या टीम गुस्से को ताकत बनाएगी?