
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने मीनाक्षी नागर जैसे पढ़े-लिखे महिलाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। सराफा बाजार निवासी मीनाक्षी ने मार्केटिंग में एमबीए करने के बाद नौकरी ठुकरा उद्यमिता का रास्ता चुना। योजना से 7 लाख का लोन और 1.75 लाख का अनुदान पाकर उन्होंने गोबर आधारित हर्बल पूजा सामग्री इकाई स्थापित की।
ससुर के संस्कारों से प्रेरित होकर उन्होंने गाय के गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री और वर्मी खाद बनाना शुरू किया। बाजार की केमिकल युक्त वस्तुओं के विकल्प में उनकी प्राकृतिक उत्पाद पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं। सालाना टर्नओवर 20 लाख से अधिक होने से इकाई में 20 लोगों को रोजगार मिला है, जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
उत्पादों की मांग ग्वालियर से निकलकर प्रदेश, देशभर और नाइजीरिया, कनाडा तक पहुंची है। प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोर्स में उपलब्ध इन वस्तुओं से अच्छा मुनाफा हो रहा। होली से पहले हर्बल गुलाल उत्पादन बढ़ा लिया है। अब जगह कम पड़ने से नई सरकारी योजना से विस्तार की योजना है।
मीनाक्षी की कहानी आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और पारंपरिक संसाधनों के आधुनिक उपयोग की मिसाल है।
