
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर इंदर सिंह ठाकुर ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कुछ युवाओं द्वारा किया गया शर्टलेस विरोध प्रदर्शन गलत फैसला बताया है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन इसके लिए सही स्थान जंतर-मंतर जैसा है, न कि वैश्विक नेताओं और सीईओ की मौजूदगी वाली महत्वपूर्ण समिट।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने समिट को भारत की एआई क्षमता का शानदार प्रदर्शन बताया। 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के बीच एआई के ड्रग डिस्कवरी जैसे क्षेत्रों में क्रांति का जिक्र किया, जहां पहले 15-18 साल लगते थे, अब 5-6 साल में संभव। उन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईवे और डिजिटल भुगतान में प्रगति तथा स्टार्टअप संस्कृति को सराहा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बिनय कुमार सिंह ने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह देश की प्रगति का मंच था, इसे राजनीतिकरण न करें। राहुल गांधी को ऐसी अभद्रता की निंदा करनी चाहिए। यह घटना भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाती है।
एआई के युग में भारत की बढ़ती पहचान के बीच ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। सही विरोध से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।