
नई दिल्ली। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक बिनय कुमार सिंह ने एआई के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर देते हुए कहा कि भारत 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। एआई इस यात्रा में अभूतपूर्व भूमिका निभा रहा है, जिसकी सराहना शब्दों से परे है।
मंगलवार को उन्होंने कहा कि एआई देश के विकास में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है, लेकिन कुछ तत्व बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। नक्सलवाद इसका प्रमुख उदाहरण है, जो विकास कार्यों को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। केंद्र सरकार नक्सल उन्मूलन के प्रति कटिबद्ध है और इसे पूरी तरह समाप्त कर देगी।
नक्सलवाद के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हालिया विरोध प्रदर्शन की भी उन्होंने कड़ी निंदा की। एआई समिट के दौरान हुए हंगामे ने देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को ठेस पहुंचाई। राहुल गांधी द्वारा प्रदर्शनकारियों को बब्बर शेर कहना अत्यंत असंयमित था। यदि माफी मांग ली होती तो उनकी साख बढ़ जाती।
शिक्षाविदों ने भी संयुक्त बयान जारी कर इसकी भर्त्सना की। बिनय सिंह ने चेतावनी दी कि एआई जैसे मंचों को राजनीति का मैदान नहीं बनने देना चाहिए। कांग्रेस का यह प्रयास अस्वीकार्य है। एआई विकास को गति देगा, बशर्ते इसे राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाया जाए।
