
झारखंड के चतरा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस महज 23 मिनट की उड़ान के बाद सिमरिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें मरीज समेत सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर गया, जो गंभीर रूप से जल चुके संजय कुमार को बचाने के लिए लाखों का कर्ज लेकर उड़ान भरवाई थी।
लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार ढाबा चलाते थे। 16 फरवरी को उनके ढाबे में भीषण आग लग गई, जिसमें वे 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए। रांची के देवकमल अस्पताल में पांच दिनों तक इलाज चला, लेकिन सुधार न होने पर डॉक्टरों ने दिल्ली ले जाने की सलाह दी। परिवार ने दोस्तों-रिश्तेदारों से 8 लाख रुपये उधार लेकर रेड बर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस बुक की।
सोमवार शाम 7:10 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी। विमान में संजय, उनकी पत्नी अर्चना देवी, भतीजा ध्रुव कुमार, पायलट, को-पायलट, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा सवार थे। 7:34 बजे एटीसी से संपर्क टूट गया और विमान क्रैश हो गया।
डॉ. गुप्ता क्रिटिकल केयर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ थे, जो रांची सदर अस्पताल में तैनात थे। बिहार मूल के डॉ. गुप्ता का परिवार झारखंड में रहता था। उनकी पत्नी एसबीआई में नौकरी करती हैं और 8 साल का बेटा है। इस हादसे ने कई परिवारों को तोड़ दिया है। जांच टीम मौके पर पहुंची है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्या कारण बना इस विमान दुर्घटना का।