
नई दिल्ली। प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक अंतरिम आदेश जारी किया है। जस्टिस तुषार राव गेडेला की एकल पीठ ने एआई आधारित प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन माध्यमों पर उनकी आवाज, चेहरा और पहचान के दुरुपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
जुबिन ने याचिका में विस्तार से बताया कि उनकी अनूठी गायकी, स्वर लय, हावभाव, फोटो और हस्ताक्षर उनके व्यक्तित्व के अभिन्न अंग हैं। कुछ एआई टूल्स इनका बिना अनुमति उपयोग कर फर्जी गाने, वीडियो और विज्ञापन बना रहे हैं, जो प्रशंसकों को भ्रमित कर रहे हैं।
कोर्ट ने माना कि जुबिन का प्रथम दृष्टया मामला मजबूत है और ऐसी नकल से उनकी छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। आदेश में सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि वे सिंथेटिक वॉयस, डीपफेक, डिजिटल अवतार या मेटावर्स में उनके उपयोग को रोका जाए।
ई-कॉमर्स साइट्स पर उनके नाम से बिक रहे फर्जी उत्पाद भी हटाने होंगे। इंटरमीडियरीज को उल्लंघनकर्ताओं की जानकारी साझा करनी होगी। मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को पार्टी बनाया गया है।
प्रतिवादियों को 30 दिनों में जवाब दाखिल करना होगा। मामला 28 अप्रैल को जोइंट रजिस्ट्रार के समक्ष और 25 अगस्त को मुख्य सुनवाई के लिए निर्धारित है।
यह फैसला एआई युग में कलाकारों के अधिकारों की मजबूत दुर्गा साबित होगा, जो तकनीकी दुरुपयोग पर लगाम कसेगा।