
वाराणसी। प्रयागराज के एसीपी अजय पाल शर्मा और आशुतोष महाराज के साथ केक काटते दिखते एक फोटो ने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस तस्वीर को मीडिया के सामने दिखाते हुए पुलिस की भूमिका पर कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि यही वह आशुतोष महाराज हैं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई और यही एसीपी अजय पाल शर्मा जिनके अधीन जांच चल रही है। दोनों खुशी से उत्सव मना रहे हैं। अगर पहले से गठजोड़ है तो ऐसी जांच से क्या उम्मीद?
स्वामी जी ने घटनाक्रम बताया कि 18 फरवरी से पहले सब शांत था। उसी दिन स्नान रोका गया, प्रतीकों पर हमला हुआ। दोपहर को संगम पर एसीपी से मुलाकात हुई और शाम को आशुतोष महाराज प्रकट हो मुकदमा दायर करने पहुंचे। दो दिन बाद पॉक्सो का केस बना लिया।
हत्या के प्रयास का मुकदमा सीसीटीवी वाली सड़क पर होने से टिक नहीं सकता। बच्चों को लेकर पुलिस के पास गए तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई जैसा पॉक्सो एक्ट कहता है? कोर्ट जाने पर ही चोर की दाढ़ी में तिनका दिखा कि मामला फर्जी है।
माघ मेला के दौरान यह विवाद धार्मिक विश्वासों को ठेस पहुंचा रहा है। जनता में पुलिस पर अविश्वास बढ़ा है। स्वामी जी ने स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि न्याय हो सके।