
नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का एमएसएमई क्षेत्र आशावादी नजर आ रहा है। सिडबी के ताजा आउटलुक सर्वे में अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के लिए एमएसएमई बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स (एम-बीसीआई) 60.8 पर पहुंचा, जो सालाना आधार पर बेहतर है। घरेलू आर्थिक मजबूती ने इस उछाल को संभाला है।
कार्यशील पूंजी और कुल वित्तीय उपलब्धता में सबसे अधिक प्रगति दर्ज हुई। बिक्री भावनाएं और कारोबारी माहौल भी सुधरे, जो मजबूत मांग पर आधारित हैं।
निर्यातक एमएसएमई आरबीआई की ट्रेड रिलीफ और सीजीएसई योजनाओं की ओर रुख कर रहे हैं। 43 फीसदी ट्रेड रिलीफ, 46 फीसदी सीजीएसई और 37 फीसदी दोनों अपनाने को तैयार हैं।
सिडबी का यह पांचवां तिमाही सर्वे क्षेत्र की स्थिति और भविष्य की तस्वीर पेश करता है। नए श्रम संहिताएं औपचारिकता बढ़ाने का मौका देंगी, लेकिन 34-36 फीसदी को अनुपालन लागत की चिंता। स्पष्ट निर्देश और प्रशिक्षण की मांग जोरदार है।
विनिर्माण क्षेत्र में एम-बीसीआई 64.1 पर, जबकि व्यापार व सेवा में हल्की गिरावट। एम-बीईआई अगली तिमाही में 63.7 और साल भर में 65.0 का अनुमान।
कार्यशील पूंजी पर विनिर्माण में 46 फीसदी सकारात्मक, वित्त पर 47 फीसदी। सेवा क्षेत्र में हल्का सुधार, व्यापार में मिश्रित संकेत।
यह स्थिरता एमएसएमई के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देती है।