
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा सुधारों और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को केंद्रीय मंत्रियों ने सोमवार को खुलकर सराहा। उन्होंने कहा कि ये पहलें भारतीय दर्शन और राष्ट्रीय मूल्यों से प्रेरित हैं, जो शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि भारत की शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे एआई को विभिन्न क्षेत्रों में अपना रही है। भारती एयरटेल फाउंडेशन के सहयोग से शिक्षकों के लिए विकसित ऐप का नवंबर 2024 में उद्घाटन हुआ था। अब सीके-12 फाउंडेशन के साथ इसका उन्नत संस्करण लॉन्च कर दिया गया है, जो डिजिटल शिक्षण संसाधनों को और सशक्त बनाएगा।
प्रधान ने कहा कि ये कदम प्रधानमंत्री के उस विजन को साकार कर रहे हैं, जिसमें भारतीय मूल्यों के साथ शिक्षा का आधुनिकीकरण शामिल है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने 2035 तक देश को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करने का आह्वान किया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से हम भारत की अपनी पहचान वाली शिक्षा प्रणाली तैयार कर रहे हैं।
इधर, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि पीएम अपने हर भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, चाहे संसद हो या मन की बात। यह सरकार की सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मेघवाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद पर सेंमिनार का जिक्र किया, जहां एआई युग में भारतीय दर्शन की भूमिका पर चर्चा हुई। भारतीय विचारधारा आधुनिक तकनीकों के नैतिक उपयोग का मार्गदर्शन कर सकती है।
ये सुधार भारत को वैश्विक शिक्षा नेतृत्व प्रदान करेंगे, जहां परंपरा और तकनीक का संगम होगा।