
मुंबई, 23 फरवरी। संजय लीला भंसाली 24 फरवरी को अपना 63वां बर्थडे मना रहे हैं। छोटी सी चॉल से निकलकर उन्होंने जो सफर तय किया, वो प्रेरणा की मिसाल है। 300 वर्ग फुट की जगह पर पांच लोग रहते थे, जहां सांस लेना भी कठिन था, लेकिन वहां ही भंसाली ने अपनी कल्पनाओं को परवान चढ़ाया।
देवदास और हम दिल दे चुके सनम जैसी फिल्में उनकी जिंदगी का प्रतिबिंब हैं। देवदास में शाहरुख के पिता की मौत वाला सीन याद है? शराब की बोतल थामे बड़बड़ाते हुए कहते हैं, ‘अच्छा आदमी था, लेकिन जल्दी चला गया।’ ये उनके पिता की नकल थीं, जो नशे के आदी थे। दादी की मौत पर भी नशे में घर लौटे और लाश पर गिर पड़े। ये यादें शूटिंग के दौरान ताजा हो गईं।
भंसाली की फिल्मों में शाहरुख-ऐश्वर्या, सलमान-ऐश्वर्या, रणवीर-दीपिका जैसे जोड़े इंटेंस रोमांस जीते हैं। लेकिन खुद की जिंदगी में प्यार की कमी रही। उन्होंने कहा, ‘असली जिंदगी में प्यार न मिलने से ही मैं पर्दे पर इसे इतना खूबसूरत दिखा पाता हूं। कल्पनाओं में जीता हूं वो सब जो हकीकत में नहीं मिला।’
कठिन बचपन और अधूरे सपनों ने उन्हें महान निर्देशक बनाया। उनकी कहानियां जख्म भरती हैं और दिल जीतती हैं।