
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सेना ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। व्हाइट नाइट कोर ने 326 दिनों तक चले उच्च ऊंचाई वाले अभियान में सात खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया। सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी जानकारी ने इस कारनामे को उजागर किया।
कठिन भूभाग में ठंडी हवाओं, बारिश और बर्फीले तूफानों का सामना करते हुए जवानों ने आतंकियों का पीछा किया। किश्तवाड़ पुलिस, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से चत्रू क्षेत्र में अंतिम मुठभेड़ में सभी सातों को सफाया कर दिया गया। कई दौर की गोलीबारी इस लंबे संघर्ष का हिस्सा बनी।
एफपीवी ड्रोन, सैटेलाइट चित्र, आरपीए/यूएवी और आधुनिक संचार प्रणालियों ने अभियान को मजबूती प्रदान की। सैफुल्लाह और उसके साथियों का खात्मा सेना के दृढ़ इरादे और वीरता का प्रतीक है। ‘हमारे वीरों के सामने कोई नहीं टिकता,’ पोस्ट में कहा गया।
यह आतंकी ढांचे पर करारा प्रहार है। इससे पहले ‘ऑपरेशन त्रासी-1’ में तीन और आतंकी मारे गए थे। हथियार और अवशेष बरामद हो चुके हैं। सेना ने चेतावनी दी कि शांति भंग करने वालों के लिए कोई जगह नहीं।
पिछले साल चत्रू के घने जंगलों में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकियों से दर्जन भर मुठभेड़ें हुईं। वे किश्तवाड़, डोडा, कठुआ और उधमपुर के बीच भटकते रहे, लेकिन सेना की लगातार कोशिशों ने उन्हें घेर लिया।
मारे गए आतंकियों की तस्वीरें लाल क्रॉस के साथ साझा की गईं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश देती हैं।