
मुंबई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को घोषणा की कि नियामक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस), लिस्टिंग दायित्व एवं प्रकटीकरण आवश्यकताएं (लॉडआर) तथा सेटलमेंट से जुड़े नियमों की गहन समीक्षा करेगा। जून तक संबंधित परामर्श पत्र जारी हो सकता है।
पोर्टफोलियो मैनेजर्स कॉन्क्लेव में बोलते हुए पांडेय ने पीएमएस ढांचे में निवेशकों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ी है, लेकिन बाजार के बदलावों और नए उत्पादों के कारण नियमों की पुनर्समीक्षा जरूरी है।
समीक्षा पीएमएस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लॉडआर और सेटलमेंट प्रक्रियाओं को भी कवर करेगी। पांडेय ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि बाजार अनियमितताओं का वास्तविक समय में पता लगाने के लिए एआई की संभावनाएं खोजी जा रही हैं।
आरबीआई के साथ मिलकर सेबी कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स विकसित करने पर काम कर रहा है, जिन्हें एक्सचेंज पर ट्रेड किया जा सकेगा। इससे निवेश विकल्प बढ़ेंगे।
ट्रेडिंग फंडिंग नियमों में बदलाव का संकेत देते हुए पांडेय ने कहा कि आरबीआई के उधार नियमों की जांच होगी। भारत की तेज आर्थिक प्रगति निवेशकों की संख्या बढ़ाएगी, जिसके लिए मजबूत नियामक ढांचा आवश्यक है।