
आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी शहर में मिलावटी दूध पीने से एनुरिया की भयानक बीमारी ने चार लोगों की जान ले ली है। दो दिनों में हुई इन मौतों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। कई अन्य लोग अस्पतालों में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
ईस्ट गोदावरी जिले के लाला चेरुवु और चौदेश्वरी नगर क्षेत्रों के निवासी इस विपत्ति का शिकार हुए। रविवार रात को एस. शेषगिरी राव (72) और राधा कृष्णमूर्ति (74) की उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे पहले दो अन्य की जान जा चुकी थी। तीन मरीज अभी भी खतरे में हैं।
15 फरवरी से अब तक 14 से अधिक लोग एनुरिया के लक्षणों से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंचे। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य, एक तीन साल का बच्चा और पांच माह का शिशु शामिल हैं। सभी प्रभावित परिवारों का दूध एक ही विक्रेता से आता था, जिससे मिलावट पर शक गहरा गया है।
परिवारों ने बताया कि महाशिवरात्रि पर मिला दूध-दही कड़वा था। पुलिस ने विक्रेता गणेश को हिरासत में ले लिया। जिला कलेक्टर कीर्ति चेकुरी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार बताया, साथ ही विशेष चिकित्सा टीमों की तैनाती की।
स्वास्थ्य आयुक्त जी. वीरपांडियन ने विभाग को अलर्ट कर दूध-पानी के नमूने एकत्र कराए। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने 106 घरों वाले विक्रेता के 75 परिवारों से नमूने लेने, मेडिकल कैंप लगाने और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। वरिष्ठ अधिकारी राजमुंदरी रवाना हो चुके हैं।
यह घटना खाद्य मिलावट के खतरों को उजागर करती है। जांच पूरी होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न हो।