
कोलकाता। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के आकस्मिक निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने उनका दुख प्रकट करते हुए कहा कि मुकुल रॉय बंगाल के एक प्रमुख नेता थे, जिन्होंने राज्य की राजनीति को नई दिशा दी।
मीडिया से बातचीत में घोष ने बताया कि रॉय टीएमसी के राष्ट्रीय स्तर के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में विख्यात थे। भाजपा में उनके कार्यकाल के दौरान उनके अनुभव ने पार्टी को मजबूत किया। उन्होंने मजबूरी में टीएमसी छोड़ी थी और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। घोष ने कहा कि उनके पास अभी और योगदान देने की क्षमता थी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
रविवार रात अपोलो मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया। विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे रॉय की हालत अचानक बिगड़ गई थी। परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की है।
टीएमसी में ममता बनर्जी के सबसे विश्वसनीय साथी के रूप में रॉय दूसरे नंबर के नेता थे। नब्बे के दशक के अंत में उन्होंने नौ नेताओं के समूह में चुनाव आयोग से तृणमूल कांग्रेस का पंजीकरण कराया था। ममता के कांग्रेस से अलगाव के बाद यह पार्टी बनी और राज्य के कई कांग्रेसी नेताओं ने उनका साथ दिया।
साल 2017 में उन्होंने टीएमसी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। 2021 तक वे भाजपा में रहे। स्वास्थ्य कारणों से वे सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे।
टीएमसी और भाजपा दोनों में उनके अनुभव ने उन्हें बंगाल में विशेष स्थान दिलाया। उनका निधन राजनीतिक गलियारों में खालीपन पैदा कर गया है।