
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रनों की करारी हार झेलने के बाद भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन पर सवालों का दौर शुरू हो गया। सबसे बड़ा विवाद ऑलराउंडर अक्षर पटेल को अंतिम ग्यारह से बाहर करने को लेकर छिड़ गया।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहायक कोच रायन टेन डेशकाटे ने इस फैसले के पीछे की रणनीति खोलकर रख दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में क्विंटन डी कॉक, रयान रिकल्टन और डेविड मिलर जैसे कई बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। ऐसे में पावरप्ले में ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, जिनका बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रिकॉर्ड अक्षर से बेहतर है।
आंकड़े यही कहते हैं—सुंदर ने 57 पावरप्ले पारियों में 23 विकेट लिए, जबकि अक्षर के नाम 62 पारियों में 14 विकेट हैं। मिडिल ओवरों में अक्षर का जलवा है, जहां उन्होंने 79 पारियों में 63 विकेट चटकाए। सुंदर को 2 ओवर में 17 रन देना पड़े और बल्ले से मात्र 11 रन बना सके।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट पर 187 रन ठोके। भारत 111 पर ढेर हो गया। अब सेमीफाइनल का सफर कठिन हो गया है। क्या अक्षर की कमी ही हार की वजह बनी?