
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट ने वैश्विक पटल पर भारत की छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी सफलता पर सोमवार को एक्स पर पोस्ट साझा कर दुनिया भर से मिली तारीफों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन में भारत की क्षमताओं की जमकर सराहना हुई, जो हमारे युवाओं की तकनीकी सोच की ताकत दर्शाता है।
पोस्ट के साथ 55 सेकंड का वीडियो जोड़ा गया, जिसमें प्रयोग और शोध के महत्व पर जोर दिया गया। ज्ञात तथ्यों का विश्लेषण शोध का प्रारंभिक बिंदु है, जबकि अनुभव से ही ज्ञान प्रमाणित होता है। यह संदेश समिट के मूल भाव को प्रतिबिंबित करता है।
रविवार को ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने समिट को एआई के उपयोग की दिशा में मील का पत्थर बताया। विभिन्न देशों के नेता, उद्योगपति, इनोवेटर और स्टार्टअप प्रतिनिधि भारत मंडपम में जुटे। एआई की भविष्य की भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ।
पीएम मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वैश्विक नेताओं व टेक सीईओ से मुलाकात हुई। प्रदर्शनी में उन्होंने प्राचीन ग्रंथों व पांडुलिपियों के संरक्षण को एआई से जोड़कर दिखाया, जिससे सभी प्रभावित हुए।
दुनिया के नेता भारत की इस पहल पर दंग रह गए। प्राचीन ज्ञान को आधुनिक पीढ़ी के लिए ढालना हमारी अनूठी क्षमता है। समिट ने एआई को मानव कल्याण के लिए उपयोग करने का संकल्प मजबूत किया।
यह आयोजन भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जाता है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ेगा, जो स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में क्रांति लाएगा। पीएम मोदी का नेतृत्व भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहा है।