
मुंबई में बजट सत्र की शुरुआत 23 फरवरी 2026 से होने जा रही है। सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी बजट आम जनता को बड़ी राहत प्रदान करेगा, लेकिन वित्तीय अनुशासन पर कोई समझौता नहीं होगा। जरूरत पड़ने पर सख्त कदम भी उठाए जाएंगे।
फडणवीस 6 मार्च को स्वयं बजट पेश करेंगे। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विस्तृत तैयारियों को इसमें शामिल किया गया है। अजित पवार ने 11 बार बजट पेश किया था और आर्थिक अनुशासन के वे कट्टर समर्थक थे। सत्र में 15 विधेयक भी लाए जाएंगे।
केंद्र सरकार से महाराष्ट्र को भारी सहायता मिली है। कर वितरण से 98,306 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो पिछले से अधिक हैं। दो हाई-स्पीड कॉरिडोर व रेलवे के लिए 23,000 करोड़ मिले। वीबीजी राम-जी योजना में मानव-दिवस 1300 लाख से बढ़ाकर 1600 लाख कर दिए गए, जिससे 1400 करोड़ अतिरिक्त आएंगे।
दावोस में हुए 30 लाख करोड़ के निवेश समझौतों पर विधानसभा में पूरी जानकारी देकर भ्रम दूर किया जाएगा। इंडिया एआई समिट में महाराष्ट्र ने अग्रणी भूमिका निभाई। पहला एग्री एआई सम्मेलन आयोजित हुआ। अजित पवार ने एआई मिशन को 500 करोड़ दिए। महाविस्तार ऐप से 30 लाख किसान लाभ ले रहे, अब भिल्ली भाषा भी जोड़ी गई। एआई से खेती की लागत 25-40 फीसदी घट सकती है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि दावोस से 40-50 लाख नौकरियां पैदा होंगी। एक लाख करोड़ की इंफ्रा परियोजनाएं चल रही हैं। एमएमआरडीए को 46,000 करोड़ का बजट मिला। मुंबई में बीकेसी-कुर्ला व बोरिवली-ठाणे टनल से ट्रैफिक सुधरेगा। दुर्घटना में अधिकारियों को सस्पेंड कर जुर्माना लगाया, मृतकों के परिजनों को 15 लाख दिए। सिंचाई की 125 योजनाओं को 90,000 करोड़ मंजूर। मराठवाड़ा-विदर्भ में पानी की व्यवस्था। किसानों के लिए 32,000 करोड़ का पैकेज व एनडीआरएफ मानदंड बढ़े।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भावुक स्वर में कहा कि अजित पवार ने विकास व अनुशासन का संतुलन रचा। यह बजट सर्वांगीण प्रगति व सभी वर्गों को न्याय देगा।