
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सऐप की उस याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई करेगा जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा व्हाट्सऐप की गोपनीयता नीति के कारण लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के भारी जुर्माने को चुनौती दी गई है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं, इस मामले को देखेगी। 3 फरवरी को कोर्ट ने कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि डेटा साझेदारी के नाम पर नागरिकों की निजता का मजाक नहीं उड़ाया जा सकता।
कोर्ट ने प्लेटफॉर्म्स पर एकाधिकार कायम करने और यूजर डेटा के दुरुपयोग का आरोप लगाया। व्हाट्सऐप की नीति पर चिंता जताते हुए ‘साइलेंट कस्टमर’ का जिक्र किया, जो डिजिटल दुनिया में अनजान रहते हैं। अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है, बेंच ने स्पष्ट किया।
यह विवाद सीसीआई के आदेश से उपजा, जिसमें नीति उल्लंघन पर जुर्माना ठोंका गया। 4 नवंबर को एनसीएलएटी ने विज्ञापन डेटा साझा करने पर पाबंदी हटा दी लेकिन जुर्माना बरकरार रखा। ट्रिब्यूनल ने गोपनीयता नियमों को सभी गतिविधियों पर लागू किया।
कोर्ट ने 9 फरवरी को अंतरिम आदेश का संकेत दिया और आईटी मंत्रालय को पक्षकार बनाया। अब सीसीआई की क्रॉस-अपील भी सुनाई जाएगी। यह केस भारत की डेटा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।