
पुणे, 22 फरवरी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने रविवार को घोषणा की कि बारामती में हुए लियरजेट 45 के हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले जारी कर दी जाएगी। 28 जनवरी को घटी इस दुर्घटना में एनसीपी नेता अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान चली गई थी, जिसने महाराष्ट्र की सियासत को हिला दिया।
स्थानीय आयोजन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मोहोल ने कहा, ‘दुर्घटना के एक महीने से पहले, यानी 28 फरवरी तक या उसके पहले प्रारंभिक रिपोर्ट आ जाएगी।’ यह बयान उन अटकलों को शांत करने का प्रयास है जो लगातार बढ़ रही हैं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब अजित पवार के भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने विमान मालिक निजी कंपनी पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कई प्रेस वार्ताओं में कंपनी की कार्यप्रणाली में खामियां, तकनीकी खराबी और संदिग्ध गड़बड़ियों का जिक्र किया।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इसकी नियामक संस्थाएं पारदर्शिता और सुरक्षा पर कटिबद्ध हैं। ‘हितधारकों से अपील है कि अटकलें न लगाएं और जांच प्रक्रिया को बाधित न करें।’
आईसीएओ नियमों के तहत 30 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट जरूरी है। एएआईबी की जांच में मलबे का विश्लेषण, रखरखाव रिकॉर्ड और पार्ट्स की जांच शामिल है। डीएफडीआर डाउनलोड हो चुका है, जबकि सीवीआर को क्षति पहुंची है जिसके लिए निर्माता से सहायता ली जा रही है।
2025 में डीजीसीए ने 51 ऑडिट किए, जिसमें वीएसआर वेंचर्स की बार-बार जांच हुई। हादसे के बाद विशेष ऑडिट 4 फरवरी 2026 से चल रहा है, जिसके नतीजे पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह हादसा निजी विमानन सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। रिपोर्ट का इंतजार न्याय और सुधार की उम्मीद जगाता है।