
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक चौंकाने वाली घोषणा की है। वे ग्रीनलैंड में अस्पताल जहाज भेजने की योजना बना रहे हैं, जो डेनमार्क का आर्कटिक में स्वायत्त क्षेत्र है। ट्रंप लंबे समय से इस द्वीप पर कब्जा करने की इच्छा रखते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इस फैसले के पीछे किसकी मांग है?
ट्रंप ने लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री के साथ मिलकर यह कदम उठाने की बात कही। दिसंबर में कोपेनहेगन में लैंड्री की नियुक्ति को कूटनीतिक उल्लंघन माना गया था। उन्होंने डेनमार्क के शासन को कब्जा करार दिया और ग्रीनलैंड से अमेरिका के साथ गठजोड़ के लिए स्वतंत्रता की मांग की।
ट्रंप ने लिखा, ‘शानदार गवर्नर जेफ लैंड्री के साथ हम ग्रीनलैंड में एक बेहतरीन अस्पताल नौका भेज रहे हैं, ताकि बीमार लोगों का इलाज हो सके जिनकी वहां सही देखभाल नहीं हो रही। यह रास्ते में है!’ लैंड्री ने एक्स पर इसका स्वागत किया और ट्रंप के साथ काम करने पर गर्व जताया।
हालांकि, न तो ट्रंप और न ही लैंड्री ने स्पष्ट किया कि यह अनुरोध डेनमार्क का था, ग्रीनलैंड का या किसी और का। वॉर डिपार्टमेंट ने सवालों को नॉर्दर्न कमांड को भेज दिया, फिर नौसेना को—कोई जवाब नहीं आया।
ग्रीनलैंड में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध है, लेकिन स्टाफ की कमी और लॉजिस्टिक समस्याएं बनी हुई हैं। डेनमार्क ने सितंबर में 2029 तक स्वास्थ्य सुधार के लिए 1.6 अरब डीकेके देने का वादा किया है।
ट्रंप का पोस्ट उसी दिन आया जब डेनमार्क ने नूउक के पास एक अमेरिकी नौसैनिक को पनडुब्बी से बचाया, जिसे तत्काल इलाज चाहिए था। क्या इसका कोई संबंध है? साफ नहीं। यह कदम आर्कटिक में अमेरिकी रणनीति का हिस्सा लगता है।