
कराची। पाकिस्तान की सियासत में इमरान खान की रिहाई और उनकी सेहत को लेकर हंगामा तेज हो गया है। सिंध प्रांत के मंत्री और पीपीपी के वरिष्ठ नेता शरजील इनाम मेमन ने पूर्व प्रधानमंत्री पर ही जिम्मेदारी ठोंक दी है। उनका कहना है कि इमरान की रफ्तार उनकी पार्टी पीटीआई के रवैये पर निर्भर करती है।
रविवार को मीडिया से रूबरू होते हुए मेमन ने कहा कि जेल से बाहर आने का रास्ता इमरान के अपने कदमों पर टिका है। डॉन अखबार के अनुसार, उन्होंने साफ शब्दों में पीटीआई को अदियाला जेल के बाहर हंगामे बंद करने की नसीहत दी। रिहाई के लिए सार्थक प्रयासों पर जोर दिया।
रमजान के पवित्र महीने में मेमन ने इमरान की आंख की बीमारी सीआरवीओ के लिए दुआ की, लेकिन पार्टी पर फोकस न करने का आरोप लगाया। जनवरी के आखिर से चली आ रही सेहत चिंताओं के बीच पीटीआई को सलाह दी कि सड़क जाम करने के बजाय रिहाई पर ध्यान दें।
इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी जेल में 14 साल की सजा काट रहे हैं। भ्रष्टाचार, सरकारी उपहारों और 9 मई दंगों के केसों ने उन्हें जकड़ रखा है। मेमन ने पीटीआई की सोशल मीडिया टीमों पर नेताओं व संस्थाओं को निशाना बनाने का इल्जाम लगाया।
‘भाषा सुधारें, परिवारों को गालियां न दें। सोच बदलें तो फायदा होगा,’ उन्होंने कहा। पीपीपी के हसन मुर्तजा ने भी चेतावनी दी। जरदारी ने इमरान को ‘मर्द बनने’ की नसीहत दी। पूर्व क्रिकेट कप्तानों का पत्र और सनाउल्लाह की डील टिप्पणियां विवाद बढ़ा रही हैं।
सियासी घमासान में कोई डील न होने की सफाई भी दी गई। इमरान का मामला अब वैश्विक हो चुका है, लेकिन सत्ता पक्ष पीटीआई के रुख पर सवाल उठा रहा है।