
नई दिल्ली में आयोजित भारत एआई प्रभाव समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन ने सियासी हंगामा मचा दिया। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तीखे लहजे में कहा कि आज की कांग्रेस महात्मा गांधी की वह कांग्रेस नहीं रही, जो देशभक्ति की मिसाल थी। यह अब विदेशी विचारधारा से प्रेरित हो चुकी है, जिसे राष्ट्र से लगाव ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद से चिढ़ है।
समिट में देश-विदेश से आए राष्ट्रपतियों, गणमान्य व्यक्तियों और मीडिया की मौजूदगी में यह प्रदर्शन भारत की छवि को धक्का पहुंचाने वाला था। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर चोट की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से वरिष्ठ नेता खुद दूरी बिठा रहे हैं। कई नेहरूवादी या इंदिरावादी होने का दावा करते हैं, लेकिन राहुल गांधीवादी नहीं। इससे साफ है कि राहुल की सोच राष्ट्रविरोधी है।
मंत्री संजय सिंह ने इसे देश को शर्मसार करने की कोशिश बताया। राज भूषण चौधरी ने विदेशी बसने वालों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इसे सुनियोजित साजिश कहा, जो कांग्रेस पर ही भारी पड़ी।
भाजपा के तरुण चुघ ने इसे विदेशी टूलकिट से प्रेरित देशद्रोही कृत्य ठहराया। आरपी सिंह ने उमर खालिद के ट्रंप दौरे वाले प्रदर्शन से तुलना की, राहुल पर भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया।
यह घटना राजनीतिक ध्रुवीकरण को उजागर करती है, जब भारत एआई में वैश्विक पटल पर चमक रहा है। कांग्रेस की रणनीति उल्टी पड़ रही है, जबकि सत्ताधारी दल राष्ट्र उत्थान पर जोर दे रहे हैं।