
मुंबई, 22 फरवरी। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बीच घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) बाजार को ठोस समर्थन दे रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू खरीदारी वैश्विक दबावों के बावजूद बाजार को संभाल रही है।
20 फरवरी को समाप्त सप्ताह में एफआईआई ने कैश मार्केट से करीब 7,000 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। 13 फरवरी को 7,395 करोड़ का भारी आउटफ्लो हुआ, जिससे बाजार में उथल-पुथल मची। वैश्विक तनाव और आईटी, बैंकिंग व ऑटो सेक्टरों की कमजोरी से निफ्टी 19 फरवरी को 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454 के आसपास बंद हुआ।
वेंचुरा रिसर्च प्रमुख विनीत बोलिंजकर के अनुसार, डीआईआई ने 8,000 करोड़ से ज्यादा की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। 13 और 16 फरवरी को मजबूत खरीदारी हुई। 20 फरवरी को चयनित खरीदारी से निफ्टी 25,600 के निकट पहुंच गया।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आईईईपीए के तहत व्यापक टैरिफ रद्द करने से अमेरिका-भारत व्यापार समझौता संतुलित हुआ, टैरिफ 15 प्रतिशत तक सीमित। कपड़ा, फार्मा, रत्न-आभूषण व मशीनरी निर्यातकों के लिए अल्पकालिक अनिश्चय बना हुआ है, लेकिन पहले के सख्त प्रस्तावों से नरमी है। ट्रंप की वैकल्पिक कानूनी राह की आशंका से अनिश्चितता बरकरार।
सेंसेक्स 82,000-82,500 से उबरकर सकारात्मक बंद हुआ। नीचे 82,000-81,800 सपोर्ट और ऊपर 83,500-84,000 रेजिस्टेंस। निफ्टी का 25,300 मजबूत सपोर्ट व 25,700 रेजिस्टेंस। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तेजी के स्पष्ट संकेत न मिलने तक ऊपर की ओर बिकवाली करें। वैश्विक संकेतों व नतीजों पर नजर रखें।