
वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक वैश्विक मंच की शुरुआत की। गाजा में युद्धोत्तर स्थिरता और राहत के लिए अमेरिका ने 10 अरब डॉलर देने की घोषणा की। यह आयोजन संयुक्त राज्य शांति संस्थान में हुआ, जहां 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सदस्य जारेड कुशनर के साथ ट्रंप ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य शांति है। कहना आसान, हासिल करना मुश्किल, लेकिन हम सफल होंगे।’ पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ मौजूद थे, भारत का प्रतिनिधित्व नामग्या खम्पा ने किया।
ट्रंप ने गाजा युद्ध समाप्त होने का दावा किया, लेकिन हमास के हथियार डालने का इंतजार जताया। अक्टूबर से सीजफायर बरकरार है, सभी बंधक लौट चुके। कजाकिस्तान, यूएई, सऊदी अरब आदि ने 7 अरब डॉलर से ज्यादा दिए। संयुक्त राष्ट्र 2 अरब डॉलर जुटा रहा, फीफा 7.5 करोड़ डॉलर की योजनाएं चला रहा।
अमेरिका का 10 अरब डॉलर सबसे बड़ा योगदान। अल्बानिया, कोसोवो सैनिक भेजेंगे। मिस्र-जॉर्डन फिलिस्तीनी पुलिस तैयार कर रहे। ट्रंप ने भारत-पाक तनाव पर कहा, परमाणु देशों को टैरिफ की चेतावनी दी थी।
यह 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले से शुरू हुआ संघर्ष था, जिसमें 1200 इजरायली मारे गए। इजरायल की जवाबी कार्रवाई में हजारों फिलिस्तीनी मारे गए। अब शांति की नई शुरुआत हो रही है।