
नई दिल्ली में आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने भारत को आयोजन की शानदार सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका की भूरी-भूरी प्रशंसा की। राष्ट्रपति वुसिक ने कहा कि भारत ने एआई के आधारभूत ढांचे, डेटा सेंटर्स और कम्प्यूटिंग क्षमताओं में भारी निवेश किया है, जिसका अनुसरण सर्बिया जैसे छोटे देश द्वारा भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले, एआई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर इतने सफल आयोजन के लिए भारत को बधाई। यह विषय अब मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर प्रमुखता से छाया हुआ है।’ समिट को उन्होंने सीखने और सहयोग बढ़ाने का सुनहरा मौका बताया, जो सुरक्षित एआई पर्यावरण बनाने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को उन्होंने प्रेरक करार दिया।
इससे पूर्व, पीएम मोदी ने वुसिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों ने संबंधों की समीक्षा की और इन्हें मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बातचीत में व्यापार, निवेश, एआई, फिनटेक, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और जन-संपर्क जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया। क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार交換 भी हुआ तथा भारत-सर्बिया की पारंपरिक दोस्ती को दोहराया गया।
पांच दिनों तक चले इस समिट में 110 से ज्यादा देशों और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया। लगभग 20 राष्ट्राध्यक्षों व 45 मंत्रियों की मौजूदगी ने इसे खास बनाया। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ और ‘एआई फॉर ह्यूमैनिटी’ के सिद्धांतों पर आधारित यह समिट भारत-सर्बिया संबंधों को नई ऊंचाई देगा।