
एर्नाकुलम की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने पॉपुलर ग्रुप ऑफ कंपनीज के धोखाधड़ी कांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 10 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर 65.07 करोड़ रुपये की अटैच संपत्तियों को बीयूडीएस एक्ट 2019 की सक्षम अथॉरिटी को सौंपने का निर्देश दिया। यह कदम हजारों जमाकर्ताओं को राहत प्रदान करने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2021 में इन संपत्तियों को कुर्क किया था, जो बाद में पुष्टि हुई। मामला आईपीसी की धाराओं 120बी, 420 आदि और बीयूडीएस प्रावधानों से जुड़ा ईसीआईआर पर आधारित है। पॉपुलर ग्रुप के प्रमोटर थॉमस डैनियल, उनकी पत्नी प्रभा, बेटियां रिनू, रीबा, रिया सहित अन्य पर लाखों निवेशकों से सैकड़ों करोड़ की ठगी का आरोप है।
ईडी ने 2021 में थॉमस और रिनू को गिरफ्तार किया, जबकि शिकायतें 2022-23 में दाखिल हुईं। केरल हाईकोर्ट के दिसंबर 2024 निर्देश पर बीयूडीएस अथॉरिटी ने पीएमएलए धारा 8(8) के तहत याचिका लगाई, जिस पर ईडी ने आपत्ति नहीं की।
कोर्ट ने कहा कि दोनों कानूनों के पीड़ित एक ही हैं, इसलिए संपत्ति हस्तांतरण उचित है। अब केरल सरकार की अथॉरिटी (होम सेक्रेटरी के प्रतिनिधि के रूप में जिला कलेक्टर) इनका मूल्यांकन व वितरण करेगी। आरोपी पक्ष की आपत्तियां आगे विचारणीय।
यह फैसला वित्तीय अपराधों में पीड़ितों के हितों की रक्षा का उदाहरण है, जो भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बनेगा।