
कोच्चि। केरल हाईकोर्ट ने ‘केरला स्टोरी-2’ फिल्म के निर्माताओं को नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस सीबीएफसी द्वारा दिए गए सर्टिफिकेशन को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान भेजा गया।
याचिका में फिल्म के टीजर और ट्रेलर पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसमें विभिन्न राज्यों की महिलाओं को प्रेम के जाल में फंसाकर जबरन धर्मांतरण कराने की घटनाओं को दिखाया गया है। हालांकि कहानी पूरे देश से जुड़ी बताई जा रही है, लेकिन टाइटल में इन्हें सिर्फ केरल से जोड़कर पेश किया गया, जो राज्य की छवि खराब कर सकता है।
टीजर के अंत में ‘अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे’ का नारा प्रतिशोध भड़काने वाला बताया गया है, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ने का खतरा है। याचिकाकर्ता ने सिनेमैटोग्राफ एक्ट की धारा 5बी का हवाला देते हुए कहा कि बोर्ड ने सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता के खिलाफ सामग्री को नजरअंदाज किया।
2023 की मूल फिल्म के सुप्रीम कोर्ट मामले का जिक्र करते हुए डिस्क्लेमर की मांग की गई है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत स्वतंत्रता को स्वीकारा गया, लेकिन सार्वजनिक हित में प्रतिबंधों पर जोर दिया। बीएनएस की धाराओं 196-197 का उल्लेख कर धार्मिक वैमनस्य की आशंका जताई।
सर्टिफिकेशन रद्द, टाइटल-पुनर्विचार और रिलीज पर रोक की मांग की गई है। अगली सुनवाई मंगलवार को। यह मामला फिल्मों की अभिव्यक्ति और सामाजिक सौहार्द के बीच संतुलन पर सवाल उठाता है।