
पंजाब में नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के सख्त निर्देशों पर पुलिस ने ड्रग तस्करी पर जोरदार हमला बोला है। 1 मार्च 2025 से अब तक 50,238 तस्करों को सलाखों के पीछे डाला गया है।
जालंधर में गुरुवार को डीजीपी गौरव यादव ने अल्ट्रा-मॉडर्न एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स भवन का लोकार्पण किया। 9000 वर्ग फुट में बने इस 1.60 करोड़ के भवन में अधिकारी कक्ष, जांच टीम केबिन, रीडिंग रूम और आधुनिक मीटिंग हॉल हैं।
इस सुविधा में मोबाइल-कंप्यूटर फोरेंसिक लैब, डेटा एनालिसिस सिस्टम, एन्क्रिप्शन तोड़ने की तकनीक, सर्विलांस उपकरण और क्रिप्टो ट्रैकिंग टूल्स मौजूद हैं। बड़े तस्करों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए तैयार।
पीएआईएस 2.0 से जुड़कर 70 हजार से अधिक आपराधिक आवाजों का डेटाबेस इस्तेमाल हो रहा है।
आंकड़े चौंकाने वाले: 35,133 एफआईआर, 2229 किलो हेरोइन, 667 किलो अफीम, 28 टन पोस्त भूसी, चरस, गांजा, आईसीई, कोकीन, 48.64 लाख गोलियां और 16.68 करोड़ की नकदी जब्त।
डीजीपी ने अभियान को ऐतिहासिक बताया और नशा मुक्त पंजाब तक जारी रखने का ऐलान किया। सेफ पंजाब चैटबॉट 97791-00200 पर सूचना देने की अपील।
स्पेशल डीजीपी कुलदीप सिंह, जालंधर कमिश्नर धनप्रीत कौर समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
