
मुंबई के एक लोकप्रिय टीवी शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून इंडिया’ में सुपरस्टार अक्षय कुमार ने उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति नस्लभेदी व्यवहार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ये लोग देश के अन्य नागरिकों जितने ही भारतीय हैं।
शो के एक सवाल के दौरान प्रतियोगी ने खुलासा किया कि उत्तर-पूर्व के निवासियों को उनकी शक्ल-सूरत, आंखों और चेहरे के कारण लगातार ताने सुनने पड़ते हैं। उन्हें ‘चीनी’, ‘चिंकी’ या ‘मोमो’ जैसे घिनौने नामों से पुकारा जाता है। यह सुन अक्षय कुमार गहरी चिंता में डूब गए।
उन्होंने तुरंत अपने मेकअप आर्टिस्ट किन को स्टेज पर बुलाया, जो मणिपुर से ताल्लुक रखते हैं। अक्षय ने गर्व से कहा, ‘ये किन हैं, जो मेरा मेकअप करते हैं और हमेशा खास ख्याल रखते हैं।’
किन ने अपनी आपबीती सुनाई कि रोजमर्रा में उन्हें ऐसी ही बेइज्जती झेलनी पड़ती है और लोग उन्हें पराया समझते हैं। अक्षय भावुक होकर बोले, ‘तुम्हारी बातें सुनकर आज मुझे एहसास हुआ कि ये हकीकत है।’
उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया कि किसी के रंग-रूप या पहचान पर मजाक बनाना देश की एकता के लिए खतरा है। उत्तर-पूर्व के लोग हमारी सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास का हिस्सा हैं। पूरे देश को संदेश देते हुए अक्षय ने कहा, ‘भेदभाव बंद करो। नागा रेजिमेंट से कारगिल तक, बांग्लादेश संग्राम तक इन्होंने खून बहाया है। ये पूर्ण रूप से भारतीय हैं।’
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में जागरूकता फैल रही है। अक्षय का यह कदम सराहनीय है।