
नई दिल्ली। ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ के ट्रेलर रिलीज होते ही राजनीतिक हंगामा मच गया है। विपक्षी नेता इसे समाज में नफरत भड़काने वाली प्रोपेगेंडा फिल्म बता रहे हैं। कांग्रेस, पीडीपी, समाजवादी पार्टी और केरल सरकार के प्रतिनिधि एक स्वर में इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी फिल्में खास समुदाय को बदनाम करने का हथियार हैं।
जम्मू से कांग्रेस विधायक गुलाम अहमद मीर ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, ‘ये फिल्में तय एजेंडे पर बनाई जाती हैं और पीछे से प्रायोजित होती हैं। लोग अब इनके पीछे का मकसद समझ चुके हैं, इसलिए इनका प्रभाव सीमित रहता है।’
पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने दस सालों की साजिश का जिक्र किया। ‘मुसलमानों को नीचा दिखाने का अभियान चल रहा है। कॉलेज बंद कराए, हिंसा भड़काई और अब बॉलीवुड को हथियार बना लिया। मनोरंजन के बहाने अपमान की साजिश रची जा रही है।’
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के निजामुद्दीन भट्ट ने संविधान पर जोर दिया। ‘देश को संवैधानिक मूल्यों पर चलना चाहिए। तब ऐसे विवाद नहीं उभरते। यह समाज बांटने की चाल है।’
केरल मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने राज्य की छवि पर सियासत का आरोप लगाया। ‘पहले पार्ट की कड़ी निंदा के बाद यह दूसरा हिस्सा विकास से ध्यान भटकाने और केरल को बदनाम करने की कोशिश है। राष्ट्रीय स्तर पर साम्प्रदायिकता फैल रही हो, लेकिन केरल की सामाजिक एकता अटल है।’
मुंबई से सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने दावों को खारिज किया। ‘मुसलमानों द्वारा हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने का झूठा प्रचार गलत है। अपराधों पर कानून कार्रवाई करता है। संविधान के रास्ते पर चलें।’
27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली इस फिल्म ने विवादों का अंबार लगा दिया है। यह घटना साबित करती है कि सिनेमा अब राजनीतिक युद्ध का मैदान बन चुका है।