
इस्लामाबाद में पाकिस्तानी सियासत का ग्राफ एक बार फिर उफान पर है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ किसी ‘डील’ की खबरों ने शरीफ सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने गुरुवार को इन अटकलों को सिरे से नकार दिया।
एक्स पर जारी बयान में तरार ने कहा कि इमरान के लिए कोई सौदा नहीं हुआ और न ही कोई नरमी दिखाई जा रही है। उन्होंने ऐसी खबरों को ‘पूरी तरह झूठा प्रचार’ करार दिया। इमरान को अदालतों ने अपराधी ठहराया है और वे 190 मिलियन डॉलर के भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं। अगस्त 2023 से अडियाला जेल में कैद इमरान पर सरकारी उपहारों का मामला और 9 मई 2023 दंगों से जुड़े आतंकी कानून के तहत मुकदमे भी चल रहे हैं।
यह सफाई प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह के बयान के बाद आई, जिन्होंने आझ टीवी पर कबूल किया कि दो गंभीर कोशिशें हुईं लेकिन इमरान ने डील ठुकरा दी। नवंबर 2024 प्रदर्शनों के बाद गृह मंत्री मोहसिन नकवी और केपीके के पूर्व सीएम अली अमीन गंडापुर के जरिए प्रयास हुए। सनाउल्लाह ने इमरान को जिद्दी बताया और विदेशी बिचौलिए का जिक्र किया जो पहले सहमति बना ली लेकिन इमरान पीछे हट गए।
डॉन के मुताबिक, संसदीय सचिव बैरिस्टर दानयाल चौधरी ने भी डील से इनकार किया। उन्होंने बातचीत की इच्छा जताई लेकिन ब्लैकमेल नहीं स्वीकारा। इमरान की आंख की रोशनी 15 फीसदी रह जाने की सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट के बीच इलाज के लिए विदेश भेजने का मुद्दा सिर्फ स्वास्थ्य से जुड़ा है।
पीएमएल-एन में यह विसंगति सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही है। विपक्षी पीटीआई की ताकत बरकरार है और यह घटनाक्रम राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।