
आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में लंबे समय तक बैठे रहना, मोबाइल-लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल और तनाव ने पीठ दर्द, कंधों की जकड़न, सांस फूलना जैसी परेशानियां बढ़ा दी हैं। पाचन तंत्र की खराबी भी आम हो गई है। ऐसे में आयुष मंत्रालय उत्तानमंडूकासन का सुझाव देता है, जो मेंढकासन के नाम से भी जाना जाता है।
यह आसन रीढ़ को मजबूत बनाता है, पीठ और कमर के दर्द को जड़ से दूर करता है। कंधे-गर्दन की मांसपेशियां लचीली होती हैं, जिससे जकड़न मिटती है और सर्वाइकल जैसी बीमारियों में आराम मिलता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, गहरी सांस आसान होती है। पेट पर दबाव से अपच-गैस भाग जाती है, ऊर्जा का संचार होता है।
अभ्यास के लिए वज्रासन में बैठें। कोहनियां मोड़कर हाथ पीछे ले जाएं, उंगलियां पकड़ें। रीढ़ सीधी रखें, सामने देखें, सांस सामान्य लें। 20-30 सेकंड रुकें, धीरे लौटें। शुरुआत में 2-3 बार करें।
यह आसन रक्त प्रवाह सुधारता है, मांसपेशियां ढीली करता है और तनाव घटाता है। आयुष मंत्रालय इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। योग जीवन संतुलन की कला है। घुटने-टखने की समस्या या गर्भावस्था में विशेषज्ञ सलाह लें।
