
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने युवा इंजीनियरों के लिए एक अनोखा द्वार खोला है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने 200 से अधिक युवाओं को निर्माण स्थलों पर विशेष भ्रमण का आयोजन किया, जहां उन्हें भारत के पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की बारीकियां सीखने का मौका मिला।
ये भ्रमण 508 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण स्थानों पर केंद्रित रहे। प्रतिभागियों ने वायाडक्ट निर्माण, स्टेशन विकास, नदी पुल, ट्रैक बिछाने जैसी गतिविधियों का करीब से निरीक्षण किया। एनएचएसआरसीएल के अनुभवी इंजीनियरों ने उन्नत तकनीकों, सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण और समयबद्ध कार्यान्वयन पर विस्तृत जानकारी साझा की।
प्रत्यक्ष संवाद सत्रों में युवाओं ने सवाल उठाए, जिससे सिद्धांतिक ज्ञान वास्तविक चुनौतियों से जुड़ा। मुंबई टर्मिनल से ठाणे, वीरार, बोइसर, वडोदरा वायाडक्ट और अहमदाबाद स्टेशन-डिपो तक के स्थलों का दौरा हुआ। जापानी शिनकान्सेन तकनीक से लैस यह कॉरिडोर 320 किमी/घंटा की रफ्तार के लिए तैयार हो रहा है।
एनएचएसआरसीएल का यह प्रयास उद्योग-शिक्षा सहयोग को मजबूत करता है। संस्थानों के छात्रों को आमंत्रित किया गया है, और वेबसाइट पर पात्रता, बैच, लॉजिस्टिक्स की पूरी जानकारी उपलब्ध है। भविष्य में ऐसे दौरे जारी रहेंगे।
यह पहल न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर को गति दे रही, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवा ऊर्जा को जोड़ रही है, जो भारत को विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग के पथ पर ले जाएगी।