
शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने बुधवार को सिरमौर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डायग्नोस्टिक टेस्ट की दरें बढ़ गई हैं, रजिस्ट्रेशन स्लिप पर शुल्क लगाया जा रहा है, दवाओं की भारी कमी है और डॉक्टरों की संख्या घट गई है।
बिंदल ने बताया कि तीन प्राइमरी हेल्थ सेंटर और एक कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बंद हो चुके हैं। हिमकेयर योजना नाममात्र को रह गई है और आयुष्मान कार्डों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने इसे सिरमौर और नाहन विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ बड़ा अन्याय बताया।
राज्यपाल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चंबा, हमीरपुर, टांडा मेडिकल कॉलेज, चामियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और आईजीएमसी को भारी वित्तीय सहायता मिली, लेकिन नाहन मेडिकल कॉलेज को कुछ नहीं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बिंदल ने नाहन मेडिकल कॉलेज के निर्माण को तीन साल से अधिक ठप बताते हुए केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराए फंड के दुरुपयोग पर सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा कि 11 मंजिला भवन और 500 बेड का अस्पताल क्यों नहीं चालू हुआ? 50 बेड का मदर एंड चाइल्ड अस्पताल तीन साल से लटका क्यों है? नर्सिंग कॉलेज की स्वीकृत राशि का क्या हुआ? कांग्रेस नेताओं पर केंद्र को जिम्मेदार ठहराने और अपशब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए भाजपा के विरोध का जिक्र किया।
पिछले साढ़े तीन साल में 27,000 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान और अन्य मदों से हजारों करोड़ मिलने के बावजूद संस्थान बंद हो रहे हैं, विकास रुका है। बिंदल ने पूछा कि पैसा कहां गया? भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने विरोध दर्ज कर सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट किया। केंद्र के 40 महीनों के अभूतपूर्व सहयोग के बावजूद राज्य सरकार की वित्तीय अनियमितताओं से हिमाचल पीछे खिसक रहा है।