
नई दिल्ली में चल रहे पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के तीसरे दिन देश-विदेश के विशेषज्ञों ने एआई को हर वर्ग तक पहुंचाने पर जोर दिया। समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित न रखना, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाना है।
ओडिशा सरकार के ऊर्जा एवं आईटी विभाग के अपर मुख्य सचिव विशाल कुमार देव ने कहा कि यह आयोजन भारत को सामान्य हित के लिए एआई का वैश्विक नेता बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। ओडिशा ने देश में पहली बार समर्पित एआई नीति लागू की है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। राज्य ओडिया भाषा के डेटासेट विकसित कर रहा है और 2.3 अरब डॉलर के निवेश से संप्रभु एआई केंद्र स्थापित करने का एमओयू कर चुका है।
लायरा इंडिया के मनोज वर्मा ने बताया कि एआई डिजिटल भुगतान को तेज व सुरक्षित बनाएगा। कंपनी का ‘डिजिटल पेमेंट मित्र’ कार्यक्रम छात्रों को जागरूक कर रहा है। टेकशलोक के आयुष जैन ने 22 डॉलर वाले लिनक्स कंप्यूटर का जिक्र किया, जो स्वदेशी एज एआई को सक्षम बनाता है।
ओवररूल.एआई के डॉ. सुविदत्त सुंदरम सुप्रीम कोर्ट वकीलों को एआई सहायता दे रहे हैं। ओमनीप्रेजेंट रोबोट टेक के आकाश सिन्हा ने स्टार्टअप समर्थन की सराहना की और युवाओं से एआई साक्षरता की अपील की। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन के डॉ. हसन बेग ने आईआईटी के साथ स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्ट ‘एनर्जाइज’ पर चर्चा की।
समिट भारत के निवेश और साझेदारियों से एआई क्षेत्र में तेज प्रगति दर्शा रहा है, जो रोजगार व विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।