
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बड़ा ऐलान किया कि देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों को एआई आधारित डिवाइस से लैस किया जाएगा। इससे विद्यार्थी नई तकनीकों से प्रत्यक्ष परिचय पा सकेंगे और स्वयं समाधान गढ़ सकेंगे।
योरस्टोरी की श्रद्धा शर्मा के साथ बातचीत में वैष्णव ने समिट के वैश्विक अवसरों, निवेश की संभावनाओं और नवाचार पर प्रकाश डाला। यह शिखर सम्मेलन एआई के नैतिक पक्ष, नियामक नीतियों और उन्नत तकनीकों की चर्चा का प्रमुख मंच है, जो उद्योगों व सेवाओं को नया आयाम दे रहा है।
पांच दिनों में 110 से अधिक देशों व 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, 20 राष्ट्राध्यक्ष व 45 मंत्री शामिल हैं। एआई शासन पर यह सबसे बड़ा वैश्विक मंच साबित हो रहा है।
भारत एआई के पांचों स्तरों पर तेज प्रगति कर रहा है। निवेशक, वेंचर कैपिटल व युवाओं में तकनीक के प्रति उत्साह चरम पर है। समिट से स्वास्थ्य व कृषि के क्रांतिकारी मॉडल उभरे हैं, जो विश्व पटल पर भारत का योगदान होंगे।
समिट ने बुनियादी ढांचे में 200 अरब डॉलर व डीप-टेक में 17 अरब डॉलर का निवेश सुनिश्चित किया। वैष्णव ने कहा कि विश्व भारत की क्षमता पर भरोसा करता है।
युवाओं को संबोधित कर शिक्षा को पांचवीं औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार करने पर बल दिया। पाठ्यक्रमों में बदलाव समिट के बाद होगा, एआई मिशन के नए चरण से छात्रों को उपकरण मिलेंगे।
स्टार्टअप्स को पूर्ण सहयोग, 17 अरब डॉलर फंडिंग। भारत अब शीर्ष स्टार्टअप हब, 10 वर्षों में 500 से 2 लाख पार। सेमीकंडक्टर में 50 डीप-टेक स्टार्टअप व एक इकाई का उत्पादन शीघ्र शुरू।
समिट एआई को भारत की ‘सर्वजन हिताय’ सोच से जोड़ ‘एआई फॉर ह्यूमैनिटी’ को बढ़ावा दे रहा है। यह चौथा संस्करण है, पूर्व आयोजन यूके, कोरिया व फ्रांस में हुए।